Tuesday, August 27, 2024

सैन्य गीत

 भारतीय सेना को समर्पित

* सैन्य गीत 


साहस दृढ़ता शौर्य वीरता, ये दुनिया ने मानी है । 

हम भारत के वीर सिपाही, अपनी यही कहानी है ।।


सेवा का संकल्प लिए हम, पवन वेग से चलते हैं

हम डिफेंस के नौजवान हैं, तूफानों में पलते हैं

आग रहे, भूकंप रहे या, कोई भी विपदा आए

घोर संकटों को भी हमने, सहज भाव से निपटाए

कर्तव्यों को सदा निभाया, हरदम दी कुर्बानी है ।।


हम भारत के वीर सिपाही- - -


सदा सुरक्षा हम करते हैं, तभी सुरक्षित जन-जन

भारत के हैं वीर सिपाही, करते अर्पित तन-मन

मातृभूमि की सेवा में ये, हमने दी कुर्बानी है

कभी आँख में ज्वाला है तो, कभी आँख में पानी है

वर्ण, धर्म है भले अलग पर, हर दिल हिंदुस्तानी है ।।


हम भारत के वीर सिपाही- - - -



भारत माता के बेटे हैं, ये होते हैं बलिदानी

हर मौसम में डटे हुए हैं, सीमा पर जो सेनानी

बंकर में बैठे गन ताने, शेर दिलों की टोली है

इसी तरह मनती दीवाली, ईद, लोहड़ी, होली है

कठिन क्षणों में धैर्य वीरता, अपनी सहज निशानी है ।।


हम भारत के वीर सिपाही- - - - -



            -: रचनाकार :-


          डॉ. सुरेश पैगवार      

           जनसंपर्क विभाग

       दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे     

               बिलासपुर

भारतीय सेना को समर्पित सैन्य गीत

भारतीय सेना को समर्पित

* सैन्य गीत *

साहस दृढ़ता शौर्य वीरता, ये दुनिया ने मानी है । 
हम भारत के वीर सिपाही, अपनी यही कहानी है ।।

सेवा का संकल्प लिए हम, पवन वेग से चलते हैं

हम डिफफेंस के नौजवान हैं, तूफानों में पलते हैं

आग रहे, भूकंप रहे या, कोई भी विपदा आए

घोर संकटों को भी हमने, सहज भाव से निपटाए

कर्तव्यों को सदा निभाया, हरदम दी कुर्बानी है ।।

हम भारत के वीर सिपाही, -

सदा सुरक्षा हम करते हैं, तभी सुरक्षित जन-जन

भारत के हैं वीर सिपाही, करते अर्पित तन-मन

मातृभूमि की सेवा में ये, हमने दी कुर्बानी है

कभी आँख में ज्वाला है तो, कभी आँख में पानी है

वर्ण, धर्म है भले अलग पर, हर दिल हिंदुस्तानी है ।।

हम भारत के वीर सिपाही, -

-!

भारत माता के बेटे हैं, ये होते हैं बलिदानी

हर मौसम में डटे हुए हैं, सीमा पर जो सेनानी

बंकर में बैठे गन ताने, शेर दिलों की टोली है

इसी तरह मनती दीवाली, ईद, लोहड़ी, होली है

कठिन क्षणों में धैर्य वीरता, अपनी सहज निशानी है ।।

हम भारत के वीर सिपाही,



-: रचनाकार :-

डॉ. सुरेश पैगवार जनसंपर्क विभाग

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर

Saturday, November 4, 2023

छत्तीसगढ़ के विकास के लिए समर्पित भारतीय रेल

धन्य हुई यह धरती धानी, कम हुई ठेलम ठेल।*
*छत्तीसगढ़ में आप पधारे, विस्तारित की रेल।।*

*आन मिले पाहुन बन हमपे, बरसाया आनंद।*
*पर्वत, घाटी, ताल, तलैया, छाया, परमानंद।।*

*हृदय हुआ पुलकित आने से, उल्लसित परिवेश।*
*लहराती खेती हरियाली, देती शुभ संदेश।।*


               💐सुरेश पैगवार💐